क्यों डूब गयी yahoo कंपनी ?
सन
1994 में Yahoo की स्थापना की गयी थी और कुछ ही सालों में ये internet की
दुनिया में सबसे कामयाब companies में से एक बन गयी. इसने एक साथ कई
कारोबार करके बहुत धन कमाया जिससे Yahoo बड़ी कंपनी बन गयी, लेकिन ये कंपनी
किसी एक विशेष काम में अपनी योग्यता साबित नहीं कर पाई सन 2000 में Yahoo
की कुल कीमत 8 लाख हज़ार करोड़ रूपये थी.
Yahoo
ने खुद को वक्त के साथ नहीं बदला ये अपने पुराने तौर तरीकों से ही काम
करती रही, इसके अलावा Yahoo में अच्छी Leadership का आभाव भी था.
सन
2003 में Yahoo ने Google को खरीदने के लिए 20 हज़ार करोड़ रूपये की पेशकश
की थी, लेकिन Google ने तब सन 2003 में Yahoo से 33 हजार करोड़ रूपये मांगे
थे, और ये deal possible नहीं हो पाई. जिसके बाद yahoo ने गूगल को खरीदने
से इंकार कर दिया था. इसके बाद yahoo के पास Facebook को भी खरीदने का मौका
था, लेकिन Yahoo उसकी कीमत को पहचान नहीं पाई.
2008 में Microsoft ने Yahoo को 2 लाख 95 हज़ार करोड़ रूपये में खरीदने की पेशकश की थी, लेकिन बाद में याहू 9 गुना कम कीमत पर बिकने के लिए तैयार हो गया Yaahoo सिर्फ 32 हज़ार करोड़ रूपये में बिकने के लिए तैयार थी , Yahoo को अमेरिकन कंपनी वेरिजोन कंपनी ने 32 हज़ार करोड़ रुपये में खरीद लिया.
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